लोकसभा से बिल पास, UPI भुगतान पर MDR चार्ज लगाने का रास्ता साफ

नई दिल्ली: लोकसभा ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे भविष्य में सरकार को UPI और अन्य डिजिटल भुगतान पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की अनुमति देने का अधिकार मिल जाएगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अभी से सभी UPI लेनदेन पर शुल्क लग जाएगा। पहले सरकार को अलग से अधिसूचना जारी करनी होगी और यह तय करना होगा कि किन लेनदेन पर MDR लागू होगा।

सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ा है और भुगतान प्रणाली को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को एक मजबूत वित्तीय ढांचा देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MDR लागू होता है, तो इसका बोझ मुख्य रूप से व्यापारियों (Merchants) पर पड़ सकता है, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं पर सीधे शुल्क लगाने का कोई निर्णय अभी नहीं हुआ है।

सरकार और रिज़र्व बैंक दोनों ने स्पष्ट किया है कि MDR की दर, किन लेनदेन पर यह लागू होगा और कब से लागू होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। विभिन्न विकल्पों पर विचार जारी है।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में यह एक बड़ा नीतिगत बदलाव होगा, क्योंकि वर्ष 2020 से UPI आधारित भुगतान पर MDR शून्य रखा गया था ताकि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिल सके।

 

🔎 मुख्य बिंदु (Key Points)

  • लोकसभा ने UPI पर MDR की अनुमति देने वाला संशोधन विधेयक पारित किया।
  • अभी UPI पर कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है।
  • सरकार बाद में अधिसूचना जारी कर तय करेगी कि किन लेनदेन पर MDR लगेगा।
  • MDR का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है।
  • उपभोक्ताओं पर सीधे शुल्क लगाने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ।