📍 गाजियाबाद (साहिबाबाद):
साहिबाबाद के शालीमार गार्डन गणेशपुरी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गंदे पानी की आपूर्ति ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल ही में डबल टंकी तोड़ने का कार्य शुरू किया गया था, जिसके चलते मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद से पूरे इलाके में नलों से दुर्गंधयुक्त और मटमैला पानी आ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह वही मुख्य पाइपलाइन है जिससे इलाके में पीने का पानी सप्लाई होता है। अब इस गंदे पानी से नहाना, कपड़े धोना या खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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📸 क्राइम इंडिया न्यूज़ के मीडिया रिलेशंस ऑफिसर अमित गुप्ता की रिपोर्ट:
क्राइम इंडिया न्यूज़ के मीडिया रिलेशंस ऑफिसर अमित गुप्ता ने बताया कि यह समस्या केवल कुछ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा इलाका प्रभावित है। उन्होंने अपने घर की तस्वीर साझा करते हुए बताया —
“यह वही पानी है जो हमारे घरों में सप्लाई हो रहा है। यह मुख्य पीने के पानी की पाइपलाइन का पानी है, लेकिन इस स्थिति में यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। न तो इस पानी से नहाया जा सकता है, न कपड़े धोए जा सकते हैं, और पीने की तो बात ही छोड़िए।”
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⚠️ स्वास्थ्य के लिए बढ़ता खतरा
मौसम बदलने के साथ ही डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा हुआ है। ऐसे में गंदे पानी की सप्लाई ने लोगों की चिंता दोगुनी कर दी है। क्षेत्रवासी मांग कर रहे हैं कि नगर निगम जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर स्वच्छ पानी की व्यवस्था करे।
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🦟 छिड़काव न होने से मच्छरों का प्रकोप
गणेशपुरी इलाके के निवासियों ने यह भी शिकायत की है कि पिछले कई दिनों से कीटनाशक दवा का छिड़काव (फॉगिंग) नहीं किया गया है। मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में बुखार और संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
निवासियों ने नगर निगम गाजियाबाद से अनुरोध किया है कि क्षेत्र में तुरंत कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाए और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
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🗣️ स्थानीय निवासियों की अपील
“हम नगर निगम के अधिकारियों से विनम्र आग्रह करते हैं कि इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें। पानी जीवन है, और अगर यही पानी दूषित हो गया तो आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा।”
