नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आज बैंकिंग प्रणाली में कुल ₹2.90 लाख करोड़ की liquidity injection (नकदी प्रवाह) की घोषणा की है। इसका लक्ष्य बैंकिंग प्रणाली में नौकरशाही दरों को संतुलित करना और आर्थिक गतिविधि को सपोर्ट करना है। यह निर्णय कड़ी नकदी स्थिति को कम करने और वित्तीय बाजारों में स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
RBI इस injection को सरकारी बॉन्ड खरीद और USD-INR swap ऑपरेशन के ज़रिये लागू करेगा। ये कदम ब्याज दरों और बाज़ार की उम्मीदों को सुचारू रखने का प्रयास है, खासकर बॉन्ड यील्ड्स और कर्ज़ी निवेश के मामले में। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल भी आर्थिक गतिविधि और निवेश धार को मजबूती दे सकती है।
इसके अलावा, सरकार और RBI दोनों ही मौजूदा tight liquidity की वजह से प्रभावित ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बनाने के प्रयास कर रहे हैं, ताकि GDP वृद्धि और निवेश धार में सुधार हो सके।
🔎 मुख्य बातें (Key Finance Highlights)
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RBI ने ₹2.90 लाख करोड़ liquidity injection की घोषणा की।
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यह injection बॉन्ड खरीद और USD-INR swap के ज़रिये होगा।
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उद्देश्य: tight liquidity को कम करना तथा बाज़ार स्थिरता और आर्थिक गतिविधि को संतुलित करना।