नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025: रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin आज दो-दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत पहुँचे। यह रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद उनका पहला भारत दौरा है। दौरे का मुख्य उद्देश्य है — दोनों देशों के आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा एवं कूटनीतिक रिश्तों को नया impulso देना।
📅 दौरे की रूपरेखा और महत्वपूर्ण बातें
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Putin को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर खुद Narendra Modi ने स्वागत किया — दोनों नेता एयरपोर्ट से एक ही गाड़ी में PM हाउस तक रवाना हुए।
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इस दौरे के दौरान 23वां India–Russia Annual Summit होगा, जिसमें ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और टेक्नोलॉजी समेत कई सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
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रक्षा सौदों में S-400 मिसाइल सिस्टम, आधुनिक जेट और अन्य रक्षा-उपकरणों पर बातचीत हो सकती है — दोनों पक्ष इस मसले को शिखर सम्मेलन की प्राथमिकता में शामिल कर चुके हैं।
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ऊर्जा तथा आर्थिक स्तर पर भी – रूस की तेल और गैस आपूर्ति, और भारत की फर्टिलाइज़र व अन्य निर्यात/आयात पार्टनरशिप पर चर्चा होगी।
🤝 भारत-रूस : क्या बदलेगा?
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रक्षा-साझेदारी मजबूती से आगे — Su-30/-57 जेट, सामरिक मिसाइल सिस्टम, परमाणु व ऊर्जा सहयोग बढ़ने की उम्मीद।
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ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित — रूसी क्रूड तेल व गैस पर निर्भर भारत, पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस से सप्लाई सुरक्षित रखने की दिशा में।
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व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी — कृषि, उर्वरक, आयात-निर्यात, बैंकिंग व निवेश समझौते संभव।
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कूटनीतिक संतुलन — वैश्विक राजनीति में भारत की स्वायत्त विदेश नीति और रूस-भारत रिश्तों का पुनरुद्धार।
📌 क्यों है यह दौरा महत्वपूर्ण?
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2022 के बाद रूस-भारत पहला उच्च-स्तरीय दौरा — युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध व अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच नई कूटनीतिक दिशा।
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रक्षा-सुरक्षा और ऊर्जा-सस्टेनेबिलिटी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ।
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वैश्विक भू-राजनीति और आर्थिक व्यवस्था के बदलते स्वरूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करना।