नई दिल्ली | Crime India News: दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक निकले CJP के बड़े प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित कई मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर तनाव भी देखने को मिला।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया और प्रदर्शन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की। हालांकि, आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है और आंदोलन जारी रहेगा।
इसी घटनाक्रम के बीच राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े विरोध प्रदर्शन के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार की ओर से इस विषय पर अब तक कोई अलग आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।
इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई सार्वजनिक बयान उपलब्ध नहीं था।