नई दिल्ली:देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) अब UPI प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने की तैयारी कर रहा है। NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप असबे ने संकेत दिए हैं कि UPI की अगली ग्रोथ AI आधारित तकनीकों पर निर्भर होगी।
NPCI का लक्ष्य UPI को देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है। इसके लिए AI आधारित वॉयस कमांड, मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट और फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, AI का उपयोग केवल नए यूजर्स को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने, फर्जी खातों की पहचान करने और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने में भी किया जाएगा। NPCI का मानना है कि AI की मदद से डिजिटल क्रेडिट और लोन सेवाओं को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस बीच, सरकारी डिजिटल पेमेंट ऐप BHIM को भी नए फीचर्स के साथ मजबूत किया जा रहा है, ताकि वह बाजार में PhonePe और Google Pay जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी चुनौती दे सके। वर्तमान में UPI बाजार का बड़ा हिस्सा PhonePe और Google Pay के पास है, लेकिन NPCI बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित UPI सिस्टम आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है और करोड़ों नए यूजर्स को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ सकता है।