नोएडा (उत्तर प्रदेश): देश की तथाकथित प्लान्ड सिटी कही जाने वाली नोएडा में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक युवा की जान ले ली। सेक्टर-150 में पानी से भरे एक खुले खुदाई गड्ढे में डूबने से 27 वर्षीय युवक युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस गड्ढे में यह हादसा हुआ, उसे लेकर महीनों पहले ही प्रशासन और संबंधित विभागों को चेताया गया था, लेकिन न तो वहां बैरिकेडिंग की गई और न ही पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई। अंधेरे, जलभराव और सुरक्षा इंतज़ामों की पूरी तरह अनदेखी ने इस जगह को एक मौत के जाल में बदल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे वाली जगह पर न कोई चेतावनी बोर्ड था और न ही कोई सुरक्षा घेरा। बारिश और जलभराव के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे युवराज उसमें गिर गए और बाहर निकल नहीं पाए।
🏗️ महीनों से शिकायतें, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इस खतरनाक गड्ढे को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर मुद्दा उठने के बावजूद संबंधित प्राधिकरण ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और लाइटिंग की व्यवस्था कर दी जाती, तो आज एक युवक की जान बचाई जा सकती थी।
❗ एक हादसा नहीं, सिस्टम की विफलता
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लचर इंफ्रास्ट्रक्चर, कमजोर निगरानी और जवाबदेही की कमी का नतीजा है। सवाल यह है कि जब नागरिक पहले ही खतरे की सूचना दे चुके थे, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
🔎 मुख्य बिंदु (Key Points)
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नोएडा सेक्टर-150 में पानी से भरे खुले गड्ढे में डूबने से युवक की मौत
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मृतक की पहचान 27 वर्षीय युवराज मेहता के रूप में
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महीनों पहले स्थानीय लोगों ने खतरे को लेकर चेतावनी दी थी
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न बैरिकेडिंग थी, न लाइटिंग, न चेतावनी बोर्ड
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लापरवाह इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक अनदेखी पर सवाल
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जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज