नीतीश कुमार फिर बने जदयू नेता, एनडीए बिहार में सरकार बनाने को तैयार

📍 पटना / नई दिल्ली, 20 नवंबर 2025
नीतीश कुमार ने आज अपनी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) के विधायकों की बैठक में एकबार फिर से पार्टी के नेता के रूप में नामित हो गए। इससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बिहार में आगामी सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रहा है। 

उनके नेतृत्व में एनडीए ने हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत प्राप्त किया था।


🔍 प्रमुख बिंदु

  • नीतीश कुमार को मंगलवार को भाजपा-जदयू व अन्य सहयोगी दलों के नए हल्के-सत्र में विधायकों द्वारा एकमत समर्थित किया गया। 

  • इससे पहले उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिससे विधानसभा विस्तार की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 

  • उनकी पार्टी ने 2025 के बिहार चुनाव में 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया। 

 

🧭 क्या यह संकेत है कब्ज़े का या बदलाव का?
इस निर्णय के माध्यम से एक संदेश जाता है कि एनडीए ने बिहार में स्थिर नेतृत्व व अनुभव को प्राथमिकता दी है। नीतीश कुमार को “सुषासन बाबू” के नाम से जाना जाता है — जिन्होंने राज्य-राजनीति में लंबे समय तक टिके रहने का रिकॉर्ड बनाया है।

दो मुख्य चुनौतियाँ अब सामने हैं:

  1. पकड़ना — एनडीए को अब विधानसभा के भीतर अपने गठबंधन को मजबूत बनाना होगा ताकि विधायी एवं कार्यकारी स्थिरता बनी रहे।

  2. आगे बढ़ना — सरकार बनने के बाद विकास-निर्देशों, कल्याण कार्यक्रमों एवं चुनावी वादों को पूरा करना पहला परीक्षा-मंच होगा।

 

✅ निष्कर्ष

बिहार में इस नई स्थिति ने राज्य-स्तरीय राजनीति को नया आयाम दिया है। नीतीश कुमार की पुनर्नियुक्ति से स्पष्ट हो गया है कि एनडीए-सामर्थ्यशाली गठबंधन नेतृत्व व रणनीति दोनों पर टिके रहने को तैयार है। आगे की सरकार-प्रक्रिया पर राज्य एवं देश दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं।