दिल्ली में "मिलाद कॉन्फ्रेंस व जश्न-ए-मौला अली" और क़िरात-ओ-नाअत मुक़ाबले का शानदार आयोजन

नई दिल्ली (रिपोर्ट): दरबार-ए-अहले सुन्नत दिल्ली शरीफ और तंजीम-ए-उलमा-ए-इस्लाम दिल्ली के तत्वावधान में 3 जनवरी 2026 (13 रजब 1447 हिजरी) शनिवार को ऐवान-ए-गालिब, माता सुंदरी रोड पर एक भव्य "मिलाद कॉन्फ्रेंस व जश्न-ए-मौला अली" और इनामी मुक़ाबले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुरान की तिलावत (क़िरात), अज़ान और नाअत ख्वानी के विशेष मुक़ाबले हुए, जिसमें विभिन्न मदरसों के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का विवरण:
दोपहर 2 बजे मुक़ाबलों की शुरुआत हुई, जिसकी निगरानी मुफ्ती मोहम्मद मुनज्ज़म खान नईमी निजामी अज़हरी ने की। निर्णायक मंडल (जजों) में मौलाना ज़िया-उल-मुस्तफा क़ादरी, मौलाना सरवर अली तहसीनी, मौलाना क़ारी बख्तियार हुसैन अलीमी, क़ारी शुएब ज़ियाई, क़ारी अहमद अली खतीबी और मौलाना तस्लीम रज़ा खां शामिल थे।

सम्मान एवं पुरस्कार:
हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी अहमद अली खतीबी को उनकी 45 वर्षीय शैक्षिक सेवाओं के लिए "खिदमत-ए-कुरान अवार्ड" से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, मुक़ाबलों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 9 छात्रों को पुरस्कार दिए गए।

विजेताओं की सूची:

  • अज़ान: प्रथम: मोहम्मद गौहर, द्वितीय: मोहम्मद इकरामउद्दीन, तृतीय: मोहम्मद अल्तमश।

  • नाअत: प्रथम: मोहम्मद अमानत, द्वितीय: मोहम्मद दिलखुश, तृतीय: मोहम्मद जाबिर।

  • क़िरात: प्रथम: मोहम्मद अरशद, द्वितीय: हसन रज़ा, तृतीय: मोहम्मद जाबिर।

पुरस्कार वितरण मौलाना सैयद जावेद अली नक्शबंदी, मौलाना मोहम्मद तस्लीम रज़ा खां और मुफ्ती अश्फाक हुसैन कादरी के हाथों संपन्न हुआ।

मिलाद कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें:
मगरिब की नमाज़ के बाद मुख्य कॉन्फ्रेंस शुरू हुई, जिसकी अध्यक्षता हज़रत मौलाना सैयद जावेद अली नक्शबंदी देहलवी ने की। कार्यक्रम की सरपरस्ती मौलाना तस्लीम रज़ा खां बरेलवी और नेतृत्व मुफ्ती अश्फाक हुसैन कादरी ने किया।

  • मुख्य संबोधन: मौलाना इरफानुल हक रिज़वी और मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही ने मौला अली की जीवनी और अहले बैत की शान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

  • नाअत व मनक़बत: मौलाना मोहम्मद अशरफ बिलाली और हाफिज मोहम्मद फरहान बरकाती ने अकीदत के फूल पेश किए।

कार्यक्रम का समापन क़ारी सगीर अहमद कादरी की दुआ और मौलाना सैयद काशिफ अली नक्शबंदी के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।