दिल्ली लाल किला कार धमाके में मेरठ के मोहसिन की मौत, सहजहां कॉलोनी में शोक की लहर

📍 मेरठ, 11 नवंबर 2025
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके में मेरठ निवासी मोहसिन (पुत्र रफ़ीक भाई) की मौत की पुष्टि हुई है।
क्राइम इंडिया न्यूज़ के मीडिया रिलेशंस ऑफिसर मोहम्मद शारिक ने बताया कि मृतक मोहसिन का शव आज सुबह मेरठ की सहजहां कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंचाया गया, जहाँ परिवार और इलाके में मातम का माहौल है।
मोहसिन कुछ काम से दिल्ली गया हुआ था, लेकिन सोमवार शाम को हुए धमाके में उसकी मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने शव की पहचान डीएनए सैंपल और दस्तावेज़ों के आधार पर की है।

 

😔 इलाके में गम का माहौल
सहजहां कॉलोनी में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ी रही। मोहसिन के घर पर परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहसिन बेहद शांत और मददगार स्वभाव का था। उसकी अचानक मौत की खबर से पूरा इलाका शोक में डूब गया है।
मोहम्मद शारिक ने बताया कि उन्होंने मौके से स्थिति की जानकारी ली है और परिवार को प्रशासनिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

 

🚨 दिल्ली धमाके की पृष्ठभूमि
सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नं. 1) के पास खड़ी एक कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास की तीन से चार गाड़ियाँ भी आग की चपेट में आ गईं।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियाँ इसे संभावित आतंकी घटना के रूप में जांच रही हैं।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान मोहसिन के रूप में हुई, जो धमाके के समय कार के पास मौजूद था।

 

📋 पोस्टमार्टम और जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम LNJP अस्पताल में किया गया है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है।
वहीं मेरठ पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय से मामले की विस्तृत जांच जारी है।

 

🕊️ मीडिया रिलेशंस ऑफिसर का बयान
क्राइम इंडिया न्यूज़ के मीडिया रिलेशंस ऑफिसर मोहम्मद शारिक ने कहा —
“यह घटना बेहद दर्दनाक है। मोहसिन के परिवार को हम न्याय दिलाने की हरसंभव कोशिश करेंगे।
हमारी टीम ने मौके से पुष्टि की है कि धमाका अचानक हुआ और उसके कारणों की जांच अभी जारी है।”

 

✅ निष्कर्ष
लाल किला कार धमाका सिर्फ एक सुरक्षा घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए त्रासदी बन गया है।
मेरठ निवासी मोहसिन की मौत ने यह साबित किया कि आतंक और असावधानी — दोनों ही आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ सकते हैं।

🗞️ रिपोर्ट: मोहम्मद शारिक, मीडिया रिलेशंस ऑफिसर — क्राइम इंडिया न्यूज़