नई दिल्ली/गया: दिल्ली से गया जाने वाली महाबोधि एक्सप्रेस को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन में स्टाफ के लिए निर्धारित सीटों को कथित रूप से ₹2000 से ₹3000 तक में यात्रियों को बेचा जा रहा है। यह मामला रेलवे नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार की आशंका को दर्शाता है।
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन में मौजूद कुछ स्टाफ सदस्य स्टाफ कोटे की सीटों को निजी लाभ के लिए यात्रियों को बेच रहे हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सामान्य यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जो वैध टिकट के बावजूद सीट नहीं पा रहे।
रेलवे के नियमों के अनुसार, स्टाफ के लिए निर्धारित सीटें केवल आधिकारिक उपयोग के लिए होती हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में निजी तौर पर बेचना अवैध है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से रेलवे की पारदर्शिता और भरोसे पर सवाल उठते हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन से इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
यह रिपोर्ट सनाया सिंह द्वारा सामने लाई गई है, जिसमें इस कथित घोटाले की विस्तृत जानकारी दी गई है।
✅ मुख्य बिंदु (Key Points)
- महाबोधि एक्सप्रेस में स्टाफ सीटों की कथित बिक्री
- ₹2000–₹3000 में यात्रियों को दी जा रही सीटें
- रेलवे नियमों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोप
- जांच और कार्रवाई की मांग तेज