📍 वाराणसी (उत्तर प्रदेश) / नई दिल्ली, 20 नवंबर 2025
उत्तर प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक दिशा को प्रभावित करने वाला काशी संवाद 2025 कल (21-22 नवंबर) से वाराणसी में शुरू हो रहा है। यह आयोजन Confederation of Indian Industry (CII) एवं Banaras Hindu University (BHU) के तत्वाधान में सामाजिक समावेशी व सतत विकास की दिशा पर केन्द्रित है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य मुख्य रूप से चार स्तंभों — युवा, गरीब, महिला और किसान — को केंद्र में रखते हुए विकास-रणनीतियों को आकार देना है। शिक्षा से रोजगार-मंजिल तक, डिजिटल तकनीक से हरित रोजगार तक, स्वास्थ्य-उद्यमशीलता से कृषि-स्तर तक, हर क्षेत्र की भूमिका समाहित होगी।
🔍 प्रमुख बिंदु
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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और उप-ग्रामीण क्षेत्र (जो जनसंख्या का 70 % से अधिक हिस्सा बनाते हैं) इस संवाद की मुख्य फोकस-जोन हैं।
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सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, व्यवसाय-दिग्गजों, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के मॉडल पर विशेष वर्कशॉप व पैनल डिस्कशन होंगे।
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चर्चा में होगा — ग्रामीण रोजगार, डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि-तकनीक (एग्री-टेक), हरित ऊर्जा-उद्यम, और महिलाओं व युवाओं को सक्षम बनाने वाले अवसर।
🧭 इसका अर्थ क्या है?
यह काशी संवाद सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को विकसित भारत 2047 की राह पर ले जाने का एक मंच है। इस तरह:
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ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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युवाओं व महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक भागीदारी के नए अवसर मिलेंगे।
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प्रदेश-स्तर पर स्वरोजगार, स्टार्ट-अप व स्थानीय उद्यम को प्रोत्साहन मिलेगा।
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राज्य-मंच पर नीति-निर्माण में स्थानीय स्तर के सुझावों का समावेश होगा।
✅ निष्कर्ष
काशी संवाद 2025 इस बात का संकेत है कि विकास अब सिर्फ मेट्रिक्स का खेल नहीं रहा — बल्कि समावेशी, तकनीक-प्रेरित व निरंतरता-युक्त होना चाहिए।
इसमें अगर युवाओं, महिलाओं व किसानों की भूमिका सशक्त हुई, तो राज्य-और राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव है।