रिपोर्ट - मोहम्मद शमशेर | भागलपुर: जोगसर थाना एवं कहलगांव थाना क्षेत्र में पत्रकारों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमों को लेकर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। इस दौरान पत्रकारों ने आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार, भूमाफियाओं और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर आजाद भारत के प्रथम क्रांतिकारी शहीद भरत तिवारी के पैतृक आवास, गांव बिलौटी, शाहपुर (जिला भोजपुर, आरा) में पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एकत्र होकर अपनी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया खंडेलवाल सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिहार में हजारों पत्रकार झूठी एफआईआर और प्रशासनिक दबाव का सामना कर रहे हैं, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने विभिन्न नारों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रमुख नारों में शामिल थे:
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"पत्रकार पर झूठा मुकदमा करना बंद करो"
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"पत्रकार की आवाज दबाना बंद करो"
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"बिहार पुलिस शर्म करो"
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"पत्रकारों पर किया गया FIR वापस लो"
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"भरत तिवारी को न्याय दो"
वक्ताओं ने मांग की कि पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित एफआईआर तत्काल वापस ली जाए। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।