देहरादून, 26 नवंबर 2025
देहरादून स्थित इंडसइंड बैंक (MM Tower, GMS Road) के एक कथित ब्रांच मैनेजर दीपक कुमार नामा पर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। दार्जिलिंग निवासी इंद्र बहादुर थापा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बैंक अधिकारी ने स्वयं को मैनेजर बताकर फिक्स्ड डिपॉज़िट के नाम पर उन्हें बड़े पैमाने पर ठगा।
शिकायत के अनुसार, यह मामला मई 2024 से सितंबर 2024 के बीच का है।
🔍 शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप
शिकायतकर्ता इंद्र बहादुर थापा ने पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
1️⃣ बड़े FD का लालच देकर ठगा
मई 2024 में दीपक कुमार नामा ने खुद को इंडसइंड बैंक का ब्रांच मैनेजर बताते हुए 20 करोड़ रुपये का 5 साल का फिक्स्ड डिपॉज़िट कराने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने दावा किया कि जमा रकम का 80% हिस्सा कभी भी निकाल सकते हैं।
2️⃣ “Bank Service Charges” के नाम पर 30 लाख की मांग
शिकायतकर्ता के अनुसार, दीपक कुमार नामा ने FD प्रक्रिया के लिए 30,00,000 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफ़र करवाया।
यह रकम 30 सितंबर 2024 को ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से दो विभिन्न खातों से भेजी गई।
3️⃣ रकम मिलते ही संपर्क टालने लगे
शिकायत के मुताबिक, रकम भेजने के बाद दीपक नाम ने:
• कॉल्स उठाना बंद कर दिया
• वास्तविक FD बनाने के बजाय आरोपी ने फर्जी FD दस्तावेज़ देकर धोखाधड़ी की
• 13 महीनों तक बहाने बनाते रहे
• झूठी जानकारी देते रहे
4️⃣ बैंक पद का दुरुपयोग
पत्र में आरोप है कि दीपक नाम ने:
• अपनी आधिकारिक पहचान का गलत इस्तेमाल किया
• ग्राहक का विश्वास तोड़ा
• और 30 लाख रुपये अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किए
⚠️ यह मामला गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की श्रेणी में
शिकायतकर्ता ने इसे
✔ Fraud
✔ Cheating
✔ Criminal Breach of Trust
✔ Misappropriation of Funds
के गंभीर अपराध बताया है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि:
• उनके 30 लाख रुपये की रिकवरी की जाए
• दीपक नाम के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
• और पूरे मामले की गहरी जांच शुरू की जाए
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सभी लेन-देन की रसीदें, संदेश और बातचीत के सबूत उनके पास मौजूद हैं।
🧭 अगला कदम?
यह मामला बैंकिंग धोखाधड़ी का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह:
👉 बैंक पद के दुरुपयोग
👉 साइबर/फाइनेंशियल Fraud
👉 और आपराधिक विश्वासघात
के अंतर्गत बड़ा मामला बन सकता है।
