नागोया प्रोटोकॉल में भारत बना वैश्विक नेता, IRCC जारी करने में नंबर-1

नई दिल्ली: जैविक संसाधनों के संरक्षण और उनके निष्पक्ष उपयोग को लेकर भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नागोया प्रोटोकॉल के तहत Internationally Recognized Certificates of Compliance (IRCC) जारी करने में भारत वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर पहुंच गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अब तक 3,561 IRCC प्रमाणपत्र जारी किए हैं, जो वैश्विक स्तर पर कुल प्रमाणपत्रों का लगभग 56.63% हिस्सा है। यह उपलब्धि भारत को इस क्षेत्र में सबसे आगे स्थापित करती है।

दुनियाभर में 142 देशों में से केवल 34 देशों ने ही अब तक IRCC जारी किए हैं, जो इस प्रक्रिया की जटिलता और महत्व को दर्शाता है।

भारत के बाद इस सूची में फ्रांस (964), स्पेन (320), अर्जेंटीना (257), पनामा (156) और केन्या (144) जैसे देश शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि जैविक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के उपयोग में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


मुख्य बिंदु (Key Points)

  • नागोया प्रोटोकॉल के तहत IRCC जारी करने में भारत नंबर-1

  • भारत ने जारी किए 3,561 प्रमाणपत्र (56.63%)

  • 142 में से केवल 34 देशों ने जारी किए IRCC

  • फ्रांस, स्पेन, अर्जेंटीना जैसे देश भारत के बाद