भारतीय शेयर बाजार का ऐतिहासिक रिकॉर्ड! पहली बार ₹500 लाख करोड़ के पार पहुंचा कुल मार्केट कैप

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को एक नया इतिहास रच दिया। देश में BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) पहली बार ₹500 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। दिवाली से पहले बाजार में आई जोरदार तेजी ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया।

सुबह करीब 10 बजे BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग ₹500.82 लाख करोड़ पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह आंकड़ा करीब ₹494.42 लाख करोड़ था। यानी शुरुआती कारोबार में ही बाजार के कुल मूल्य में लगभग ₹6.4 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में भी जोरदार तेजी

गुरुवार को बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।

  • BSE सेंसेक्स: सुबह 10 बजे तक 1,552.83 अंक यानी 2.01% बढ़कर 78,854.23 पर पहुंचा।

  • NSE निफ्टी 50: 427.80 अंक यानी 1.79% की तेजी के साथ 24,388.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

  • बैंक निफ्टी: लगभग 1.71% की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

बाजार में तेजी के पीछे क्या रहे कारण?

1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट आई और कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए यह राहत की खबर है। इससे आयात बिल और महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद बनती है।

2. विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी ने भी तेजी को समर्थन दिया। बाजार रिपोर्टों के अनुसार, इस सप्ताह विदेशी निवेशकों की खरीदारी 17,000 करोड़ रुपये से अधिक रही।

3. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

4. घरेलू शेयरों में व्यापक खरीदारी

ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और रियल्टी जैसे क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली। कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई।

निवेशकों की संपत्ति में बढ़ोतरी

बाजार में आई इस तेजी का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार मूल्य एक ही कारोबारी सुबह में लगभग ₹6.4 लाख करोड़ बढ़ गया।

हालांकि, मार्केट कैप में बढ़ोतरी का अर्थ यह नहीं है कि निवेशकों के खातों में इतनी नकदी जमा हो गई है। यह कंपनियों के शेयरों के बाजार भाव के आधार पर निकाली गई कुल अनुमानित कीमत है।

क्या ₹500 लाख करोड़ का आंकड़ा बाजार की मजबूती का संकेत है?

भारत का शेयर बाजार पिछले वर्षों में तेजी से विस्तारित हुआ है। नए IPO, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और कंपनियों के मूल्यांकन में वृद्धि ने बाजार के आकार को बढ़ाने में योगदान दिया है।

लेकिन निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि बाजार पूंजीकरण में तेजी आने का मतलब यह नहीं है कि हर शेयर महंगा या सुरक्षित हो गया है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है और निवेश का फैसला कंपनी के प्रदर्शन, मूल्यांकन तथा जोखिम को समझकर ही लेना चाहिए।

निष्कर्ष: भारतीय शेयर बाजार का कुल BSE मार्केट कैप ₹500 लाख करोड़ के पार पहुंचना देश के पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी, कच्चे तेल की गिरती कीमतें और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड में योगदान दिया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार इस स्तर पर कितनी मजबूती से टिक पाता है।

मुख्य बिंदु

  • BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहली बार ₹500 लाख करोड़ के पार।

  • 5 नवंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे मार्केट कैप ₹500.82 लाख करोड़ रहा।

  • सेंसेक्स 1,552 अंक और निफ्टी करीब 428 अंक ऊपर था।

  • शुरुआती कारोबार में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹6.4 लाख करोड़ की वृद्धि हुई।

  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी तेजी के प्रमुख कारण रहे।