नई दिल्ली (Crime India News): भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की एक महत्वपूर्ण झलक देखने को मिली। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष António Costa और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen की गरिमामयी उपस्थिति ने भारत–यूरोपीय संघ (EU) संबंधों की मजबूती को रेखांकित किया।
कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में दोनों यूरोपीय नेताओं ने भारतीय परंपरा और सैन्य परेड को नजदीक से देखा। इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी गर्मजोशी भरी मुलाकात और संवाद भी देखने को मिला।
🌍 भारत–EU संबंधों को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की यह यात्रा भारत–EU रणनीतिक साझेदारी को और गति देगी। व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा, रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
इस दौरे के दौरान कई अहम बैठकों और संवादों के जरिए द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया। साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता को दोनों पक्षों ने दोहराया।
🇪🇺 कूटनीतिक संदेश भी साफ
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि आने वाले समय में भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
🔎 मुख्य बिंदु (Key Points)
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गणतंत्र दिवस समारोह में EU के शीर्ष नेताओं की भागीदारी
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António Costa और Ursula von der Leyen की भारत यात्रा
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भारत–EU साझेदारी को मिला मजबूत संदेश
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व्यापार, टेक्नोलॉजी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग पर जोर
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका


