नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश की अगली जनगणना यानी Census 2027 को लेकर बड़ी घोषणा की है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना मानी जाती है, जो पूरे देश में दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
सरकार के अनुसार, जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों की सूचीकरण (House Listing) और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी।
यह जनगणना अप्रैल 2026 से लेकर मार्च 2027 तक चलेगी और इसमें देश के हर नागरिक से संबंधित सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय डेटा एकत्र किया जाएगा।
📊 दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया
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पहला चरण (House Listing & Housing Census):
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शुरुआत: 1 अप्रैल 2026
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मकानों, सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी एकत्र की जाएगी
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दूसरा चरण (Population Enumeration):
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समय: फरवरी–मार्च 2027
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प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी (आयु, शिक्षा, रोजगार आदि) दर्ज होगी
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🔍 इस बार क्या होगा खास?
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जनगणना पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल तरीके से होगी
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स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा
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जाति (Caste) से जुड़ा डेटा भी शामिल किया जाएगा
⚠️ क्यों है महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों के अनुसार, जनगणना देश की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की नींव होती है। इससे सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाने में मदद मिलती है।
✅ मुख्य बिंदु (Key Points)
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Census 2027 दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना
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1 अप्रैल 2026 से पहला चरण शुरू
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दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
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डिजिटल और स्व-गणना की सुविधा
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सामाजिक-आर्थिक डेटा नीति निर्माण में मदद करेगा