नई दिल्ली, 16 नवंबर 2025
केंद्रीय सरकार ने आज जानकारी दी है कि वह ऑपरेशनल लेवल पर अपने प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम, PM Gati Shakti की संरचना में व्यापक सुधार करने जा रही है। मौजूदा “नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG)” को समाप्त कर उसके स्थान पर एक नया, अधिक शक्तिशाली केंद्रीय प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।
यह कदम देश में अगले पाँच से दस वर्षों में बड़े पैमाने पर बनने वाले ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की योजना और समन्वय को तेज़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
🔍 प्रमुख बिंदु
-
NPG को खत्म कर नए केंद्रीय प्राधिकरण का गठन होगा, जो रेल, सड़क, पोत व लॉजिस्टिक्स के बीच समन्वय को बेहतर बनाएगा।
-
नई संस्थान पांच-दस वर्ष के व्यापक योजना खाके तैयार करेगा, ताकि देश की ट्रांसपोर्ट इंफ्रा रणनीति अधिक पूर्व-दृष्टि से नियोजित हो सके।
-
सरकार का कहना है कि यह बदलाव “विजन 2025-30” तथा बाद की अवधि तक के इन्फ्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
🧭 असर और भविष्य
-
इस बदलाव से विभिन्न मंत्रालयों व राज्यों के बीच इंफ्रा योजना क्रियान्वयन में आने वाली बाधाएँ कम होंगी—समय-सीमा, बजट व लॉजिस्टिक्स लाभ का समन्वय बेहतर होगा।
-
राज्यों को अब केंद्र-प्राधिकरण के साथ अधिक समन्वित रूप से कार्य करना होगा—राज्य-स्तर पर परियोजनाओं की प्राथमिकताओं को भी नए खाके के अनुसार संशोधित करना पड़ सकता है।
-
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, ट्रांसपोर्ट समय में सुधार और अंततः आर्थिक वृद्धि-दाब को कम करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।
✅ निष्कर्ष
केंद्रीय सरकार का यह फैसला इंडियन इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य को नए मानदंड देने वाला प्रतीत होता है। PM Gati Shakti के तहत इस तरह का संरचनात्मक बदलाव यह संकेत देता है कि भारत अब