गुरू ही हमें गोविन्द से साक्षात्कार कराते हैं - महर्षि वेदानंद जी महाराज
रविवार को दुमका जिला के रामगढ़ बाजार अवस्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में दुमका जिला संतमत सत्संग का 37 वां जिला अधिवेशन भक्ति-भाव से प्रारंभ हुआ। प्रातःकालीन सत्र में संतमत सत्संग के साधु-महात्मा तथा सत्संग प्रेमियों द्वारा स्तुति, जप, प्रार्थना तथा सद्ग्रंथो का सस्वर पाठ किया गया। सायंकालीन सत्र में विभिन्न साधु-महात्माओं के प्रवचन के दौरान जीवन में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, दान,मोक्ष, सदगुरु की आवश्यकता आदि का सारगर्भित वर्णन किया गया। महर्षि वेदानंद महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि जीवन में सदगुरू की महिमा अनंत है। सदगुरु ही हमें सांसारिक मोह माया के पार मोक्ष की तरफ ले जाने का माध्यम बनते हैं।
संत कवि कबीर दास को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि संत कवि कबीर दास ने कहा है कि गोविंद और गुरु अर्थात परमेश्वर और गुरु अगर एक साथ सामने आ जाएं तो पहले गुरु की वंदना करनी चाहिए। क्योंकि गुरु ही हमें गोविंद अर्थात ईश्वर से परिचय कराते हैं।अधिवेशन में आगंतुक सत्संग प्रेमियों के बीच विभिन्न सत्संग आश्रमों से आए स्वामी जगपरानंद जी महाराज, बाबा निरंजनानंद,गोपाल बाबा, संतानंद बाबा, रमा रमण बाबा, संत कुमार बाबा,कमलानंद बाबा आदि ने विविध विषयों पर प्रवचन दिया।अधिवेशन में रामगढ़, दुमका, सरैयाहाट तथा पौडैयाहाट प्रखंड के विभिन्न गांव के सत्संग प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
✍️ रिपोर्ट: दीपक कुमार सिंह
स्थान: दुमका
