नई दिल्ली: दिल्ली-NCR से हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि नई सड़क परियोजना के शुरू होने से दिल्ली से हरिद्वार का सफर लगभग डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे धार्मिक यात्रा, पर्यटन और सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लाइव हिन्दुस्तान की 28 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, गडकरी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के राष्ट्रीय सम्मेलन में सड़क परियोजनाओं की प्रगति का जिक्र करते हुए दिल्ली-हरिद्वार मार्ग को लेकर यह बात कही।
दिल्ली से हरिद्वार पहुंचना होगा आसान
दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को आम तौर पर यातायात और मार्ग की स्थिति के अनुसार कई घंटे लग सकते हैं। नई सड़क कनेक्टिविटी विकसित होने से यात्रा का समय कम करने और रास्ते में लगने वाले जाम का दबाव घटाने में मदद मिल सकती है।
गडकरी ने अपने संबोधन में दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-देहरादून मार्गों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आई है। इसी क्रम में उन्होंने दिल्ली से हरिद्वार के लिए नया मार्ग खोलने की बात कही।
हालांकि, 90 मिनट की यात्रा अवधि को वास्तविकता में हासिल करने के लिए मार्ग के पूरी तरह चालू होने, प्रवेश और निकास बिंदुओं, यातायात तथा वाहन की गति जैसी स्थितियां भी महत्वपूर्ण होंगी।
नया हरिद्वार कॉरिडोर कब शुरू होगा?
गडकरी के बयान के अनुसार, नया मार्ग अगले महीने खोले जाने की योजना है। वहीं, India Today की रिपोर्ट में परियोजना को पूरा होने में अगले दो महीने तक का समय लगने की बात कही गई है।
दूसरी ओर, दैनिक जागरण की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार से जुड़ा लगभग 51 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला स्पर-टू कॉरिडोर निर्माण के अंतिम चरण में है। रिपोर्ट में 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने और दिसंबर में यातायात के लिए मार्ग खोलने का लक्ष्य बताया गया है। इस कॉरिडोर से दिल्ली-हरिद्वार की यात्रा लगभग ढाई घंटे में पूरी होने की संभावना जताई गई है।
इसलिए परियोजना की अंतिम शुरुआत की तारीख और यात्रियों को मिलने वाला वास्तविक यात्रा समय आधिकारिक अपडेट के बाद ही स्पष्ट होगा।
चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा फायदा
उत्तराखंड में हरिद्वार धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहां गंगा स्नान, धार्मिक आयोजनों और चारधाम यात्रा के लिए सालभर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
बेहतर सड़क संपर्क से दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है। इससे होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, टैक्सी और स्थानीय बाजारों से जुड़े कारोबारियों को भी फायदा होने की संभावना है।
गडकरी ने अपने संबोधन में बताया कि चारधाम सड़क परियोजना का लगभग 80 से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उनके मुताबिक, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के चलते उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों की ओर यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है।
सड़क परियोजनाओं से रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
गडकरी ने कहा कि सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण केवल यात्रा को तेज करने तक सीमित नहीं है। इससे निर्माण क्षेत्र, परिवहन, पर्यटन और स्थानीय कारोबार में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों को आर्थिक केंद्रों से जोड़ने में मदद कर सकता है।
निष्कर्ष: दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा को कम समय में पूरा करने की योजना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, 90 मिनट का समय अभी मंत्री के बयान में बताई गई संभावित अवधि है। यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित कॉरिडोर के आधिकारिक उद्घाटन और यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।
मुख्य बिंदु
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नितिन गडकरी ने दिल्ली-हरिद्वार यात्रा लगभग 90 मिनट में पूरी होने की संभावना जताई।
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नए मार्ग के शुरू होने से धार्मिक पर्यटन और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
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स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर के बारे में एक रिपोर्ट में दिसंबर से परिचालन शुरू होने का लक्ष्य बताया गया है।
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90 मिनट की यात्रा अवधि और उद्घाटन की तारीख की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
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बेहतर कनेक्टिविटी से होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को लाभ मिल सकता है।