क्रिप्टो-मार्केट में हलचल: ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक निवेश ध्वस्त, Reserve Bank of India ने चेताया

📍 नई दिल्ली, 24 नवंबर 2025
विश्व-क्रिप्टो मार्केट में पिछले छह हफ्तों में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो चुकी है: वैश्विक क्रिप्टो संपत्ति लगभग $1.2 ट्रिलियन (~₹1.2 लाख करोड़) से अधिक खौफनाक रूप से घट चुकी है। 
भारत में भी यह प्रभाव स्पष्ट है: CoinSwitch जैसे प्लेटफॉर्म्स ने कहा है कि नियम-व्यवस्था में स्पष्टता के बावजूद निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।
साथ ही, आरबीआई गवर्नर Sanjay Malhotra ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में दिए गए व्याख्यान में कहा कि क्रिप्टो और स्टेबलकॉइन “विशाल जोखिम” हैं — और भारत अपनी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) की दिशा पर जोर दे रहा है।

📌 प्रमुख बिंदु

  • बिटकॉइन हाल में $80,000 से नीचे गया है, जो पिछले कई महीनों की सबसे गहरी गिरावट है। 

  • भारतीय निवेशकों ने इस गिरावट को अवसर के रूप में देखा — कुछ एक्सचेंजों पर बिटकॉइन में “डिप-खरीद” का इरादा उजागर हुआ है। 

  • आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि भारत अभी भी क्रिप्टो को पूर्ण प्रत्यक्ष वित्तीय प्रणाली में शामिल नहीं करेगा; वह नियंत्रित और सतर्क दृष्टिकोण अपनाएगा। 


🧭 इसका क्या मतलब है?

  • गिरावट यह संकेत देती है कि क्रिप्टो निवेश अब सिर्फ सट्टे की वस्तु नहीं, बल्कि वैश्विक वित्त-सुरक्षा, नियम-व्यवस्था व बाजार भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है।

  • भारत जैसे देशों में जहाँ क्रिप्टो का नियम-ढाँचा अभी विकसित हो रहा है, वहाँ निवेशकों को उच्च सतर्कता व समय-सुझाव की आवश्यकता है।

  • आरबीआई द्वारा मजबूत बयान का मतलब यह है कि भारत जल्द ही अपनी CBDC को आगे बढ़ाता हुआ क्रिप्टो-सेक्टर को एक नियंत्रित ढाँचे में लाने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।

 

✅ निष्कर्ष
क्रिप्टो-मार्केट की यह हलचल सिर्फ एक अंक की गिरावट नहीं है — यह वित्तीय परिवर्तन, नियामक तनाव और नए निवेश-माडल्स का संकेत है। भारत के लिए यह समय है कि वह निवेशकों को सुरक्षित विकल्प, स्पष्ट नियम व सतर्क वातावरण प्रदान करे।