नई दिल्ली: संसद में प्रस्तुत संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 मतदान के दौरान आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो पाया।
संसद में हुए मतदान के अनुसार, विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। कुल 489 वोट डाले गए, लेकिन संवैधानिक संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह विधेयक गिर गया।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी संशोधन विधेयक को पारित होने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होती है। इस मामले में यह संख्या पूरी नहीं हो सकी।
इस विधेयक के साथ जुड़े अन्य दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव—संघ राज्य क्षेत्र विधि संशोधन विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026—भी अब स्वतः प्रभावित हो गए हैं। चूंकि ये दोनों विधेयक इसी संवैधानिक संशोधन पर आधारित थे, इसलिए इनके संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम संसद में मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आए।
✅ मुख्य बिंदु (Key Points)
- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पारित नहीं हुआ
- पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े
- दो-तिहाई बहुमत न मिलने से विधेयक गिरा
- संबंधित दो अन्य विधेयकों पर भी कार्रवाई रुकी