पटना | 14 नवंबर 2025
बिहार के 243 विधानसभा सीटों के लिए हुए 2025 के चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 200 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है, जबकि महागठबंधन काफी पीछे रह गया है।
विश्लेषकों के मुताबिक इस जीत में महिलाओं की भारी भागीदारी, मुफ्त कल्याण योजनाओं का प्रभाव, और एनडीए के सामंजस्यपूर्ण गठबंधन की भूमिका अहम रही है।
🔍 प्रमुख बिंदु
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एनडीए को करीब 203 सेटों पर बढ़त दिख रही है — भाजपा, जद (यू) व अन्य सहयोगियों के संयुक्त दबाव से।
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खास बात यह कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी एनडीए की पकड़ मज़बूत हुई है, वहीं विपक्षी महागठबंधन को भारी नुक्सान हुआ है।
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चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (एलजेपी-आरवी) ने भी 28 में से लगभग 23 सीटों पर बढ़त बनाकर ध्यान आकर्षित किया है।
🧭 असर और भविष्य
यह नतीजा केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा — इसे देश की राजनीति के लिए एक संकेत माना जा रहा है।
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केंद्र में सत्ता पर काबिज एनडीए को आगामी राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए आत्मविश्वास मिला है।
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विपक्षी महागठबंधन के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है कि रणनीति में बदलाव की आवश्यकता है।
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युवा-मतदाता, महिलाओं व पिछड़े वर्गों में बदलाव दिख रहा है, जिसने पार्टी-राजनीति को नया आयाम दिया है।
✅ निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि आज का मतदाता विकास, सुविधाएँ और समावेशी राजनीति पर अधिक दिलचस्पी ले रहा है। एनडीए की यह बड़ी जीत शायद आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति की दिशा को पुनः निर्धारित करेगी।