महाशिवरात्रि से पहले बासुकिनाथ मंदिर शिखर से उतारे गए पवित्र कलश व ध्वजा, अनुष्ठान शुरू

बासुकिनाथ (दुमका): महाशिवरात्रि एवं शिव-पार्वती विवाहोत्सव के चार दिवसीय पावन अनुष्ठान की शुरुआत शुक्रवार को बाबा बासुकिनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ हुई। इस दौरान मंदिर के शिखर पर स्थापित पवित्र कलश, त्रिशूल, पंचशूल, ध्वजा एवं गठबंधन को नेम-निष्ठा के साथ उतारा गया।

मंदिर के विदकरी सोखी कुंवर के परिजनों द्वारा बाबा बासुकिनाथ मंदिर सहित परिसर के अन्य मंदिरों के शिखरों से सभी पवित्र प्रतीकों को सावधानीपूर्वक उतारकर मंदिर के भंडार गृह में सुरक्षित रखा गया है।


🛕 महाशिवरात्रि पर पुनः स्थापना

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इन सभी पवित्र वस्तुओं को महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के पश्चात पुनः शिखर पर स्थापित किया जाएगा।


📅 चार दिवसीय अनुष्ठान की रूपरेखा

महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

  • पहला दिन (शुक्रवार): शिखर से कलश, त्रिशूल, पंचशूल एवं ध्वजा उतारना

  • दूसरा दिन (शनिवार): मंडप पूजन, लावा-कांसा भूंजना एवं उबटन तैयार करना

  • तीसरा दिन (रविवार): रात्रि में भव्य शिव बारात एवं नगर भ्रमण, शिव-पार्वती विवाह

  • चौथा दिन (सोमवार): घूंघट कार्यक्रम एवं विवाहोत्सव के बाद नगर भ्रमण

रविवार की रात वेद मंत्रों के बीच भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न होगा, जिसके बाद पूरे नगर में धार्मिक उल्लास का वातावरण रहेगा।


🙏 श्रद्धालुओं में उत्साह

महाशिवरात्रि को लेकर बासुकिनाथ मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है। चार दिवसीय अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।


✍️ रिपोर्ट: दीपक कुमार
📍 स्थान: बासुकिनाथ (दुमका)