🚨 संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर घमासान, विपक्ष बहस से दूर रहा तो भी सरकार पारित कराएगी विधेयक: किरेन रिजिजू

नई दिल्ली: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा है कि यदि विपक्ष इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लेता, तब भी सरकार इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने इस विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा के लिए समय निर्धारित किया है और सभी दलों से बहस में शामिल होने की अपील की है। उनके अनुसार, परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है और इस विषय पर संसद में सार्थक चर्चा होनी चाहिए।

सरकार का कहना है कि नया संशोधन विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कानून को और अधिक प्रभावी बनाएगा। प्रस्तावित संशोधनों में विशेष जांच व्यवस्था, तय समय सीमा में जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

दूसरी ओर, विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन जारी रखा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। इसी वजह से विधेयक पर प्रस्तावित चर्चा भी प्रभावित हुई। सरकार का आरोप है कि विपक्ष छात्रों से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस से बच रहा है, जबकि विपक्ष सरकार से अन्य मुद्दों पर जवाब मांग रहा है।

पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद सरकार इस कानून को जल्द लागू करना चाहती है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल हो सके और छात्रों का भरोसा मजबूत किया जा सके।


🔎 मुख्य बिंदु (Key Points)

  • सरकार एंटी पेपर लीक बिल को हर हाल में पारित कराने के पक्ष में।

  • किरेन रिजिजू ने विपक्ष से बहस में शामिल होने की अपील की।

  • विपक्ष के शामिल न होने पर भी विधेयक आगे बढ़ाने की बात कही।

  • बिल में फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच और कड़ी सजा का प्रावधान।

  • संसद में हंगामे के कारण चर्चा प्रभावित हुई।